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Saturday, June 10, 2017

सेतु




हमारा यह है मानना,
वृद्धावस्था  भूत है अपना।
हमारा यह है मानना ,
यौवन वर्तमान है अपना।
हमारा यह है मानना ,
शैशव (बालपन ) भविष्य है अपना।
अर्थात :
हम यह मानते हैं ,
वृद्ध हमारे भूत हैं।
हम यह मानते हैं ,
युवा हमारे वर्तमान व भविष्य हैं।
 हम यह मानते हैं ,
बालक  हमारे भविष्य हैं।
बल्कि :
यथार्त यह है ,
वृद्ध हमारे भविष्य हैं।
युवा हमारे हैं वर्तमान।
शिशु हैं हमारे भूत के सामान।
कारण समझना है बहुत आसान :
इसपर  ज़रा आप रखिये ध्यान।
वृद्ध हैं शिशु व युवा का भविष्य ,
वह कर उपयोग वृद्ध के अनुभव और ज्ञान ,
शिशु और युवा कर सकते हैं
अपना वृद्धावस्था,  सुखमय,
आनंदमय और आसान।
युवा हैं शिशु और वृद्ध का वर्तमान,
कर उपयोग युवा का उमंग और जोश,
 शिशु और वृद्ध कर सकते हैं अपना वर्तमान,
 सुखमय, आनंदमय और आसान।
शिशु हैं युवा और वृद्ध के भूत ,
कर शिशु के निश्छल मन,जिज्ञासु मस्तिष्क  का मान,
स्वाभिमानी युवा और वृद्ध करें अपना भूत ,
 सुखमय, आनंदमय और आसान।
यह है पीढ़ी की अंतर का सुखद समाधान।
कर स्थापित सेतु तीनों पीढ़ियों में
करें अर्जितप्रेम, सौहार्द्य,
स्वाभिमान और सम्मान।

Sunday, December 6, 2009

अस्थायी ही स्थायी है ॥





अस्थाई  ही स्थाई  है  ॥

जल की धारा जब हुई वाष्प में परिवर्तित
वाष्प ने जब किया अम्बर को मेघाच्छन्न,
मेघ ने जब किया जल वर्षण
तब समय ने कहा:
अस्थाई  ही स्थाई  है ॥

श्वास, प्रश्वास से थिरकी नासिका
हुआ आगमन जीवन का।
धड़कन बनी संगीत सृष्टि का;
पर, जब हुआ मृत्यु का आगमन,
तब समय ने कहा:
 अस्थाई  ही स्थाई  है ॥






In English:
When the water droplets transformed into clouds and veiled the sky,
When the clouds melted into the life giving rain and showered on the earth;
Then, time said, impermanence is permanent.
When breath reverberated in the mortal form as portent of life
When heart beats became the cosmic music of creation,
But, when death approached-

Then, time said, impermanence is permanent.


The Forgotten Lair

With tired and cataract-foggy eyes  He stood gazing at  The lush green glade  and the arboreal stead.  It's wooden fence with a ricke...