Thursday, July 15, 2010

Anukaran kaa Anusaran (Emulate to Follow)

पथ पर राही ने पायी नहीं  ठौर
चलता रहा, चलता रहा
पथ पर अडिग निरंतर.
पथ पर राही  ने पाई नहीं ठौर
बढ़ता रहा, बढ़ता रहा
वह मंजिल की ओर.
पथ पर राही  ने पायी नहीं ठौर
समझता रहा, समझता रहा
वह इस सफ़र का दौर
पथ पर राही  ने पाई नहीं ठौर
निरंतर, तत्पर
वह बढ़ता रहा अपनी मंजिल की ओर.
पथ ने कहा, 'मैं हूँ बहुत कठिन, यह तुमने है जाना
तुम हो तत्पर, यह मैने  है माना.
क्या है तुम्हारा उद्देश्य पर यह तुम मुझे बताना.
राही ने मुस्कुराकर कहा पथ से, "मेरा मकसद है जीवन,
पथ है माध्यम जीवन के निरंतर क्षण भंगुर से आगे बढने  का
पथ है माध्यम चिरंतन विचरण सुघड़ भावनायों का
पथ है माध्यम आत्म मंथन कर जीवनकाल चक्र से मुक्त होने का.
पथ, तुम हो आशा, प्रत्याषाहीन
यही है मैने जाना.
मैं राही एक अंश तुम्हारा, येही है मैने माना.
तुम्हारी प्रेरणा से प्ररित होकर बढ़ रहा हूँ निज जीवन मैं
तुम्हारा अनुराकर्ण कर कर रहा हूँ, कर अनुसरण जीवन का."

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